मिल जाती सारी खुशियाँ तो जीवन आज यूँ न होता
गर मिल जाती तुम तो अकेलेपन शिकार न होता
जीवन में अंधकार न होता किस्मत से कंगाल न होता
एक मासूम लड़का यूँ बर्बाद न होता और मन यूँ उदास न होता
काश तुम मेरी होती तो जीवन आज यूँ ना होता !
पर सच्चे प्यार की तुमने क़द्र न जानी
बड़ी आसानी से हो गयी हमसे बेगानी
एक दिल था वो भी तोड़कर ही मानी
धड़कते दिल को थामकर ही मानी
ये जानकर मुझे हुई बड़ी हैरानी
काश तुम मेरी होती तो जीवन आज यूँ ना होता !
जज्बातों के साथ खेलकर तुमने क्या पा लिया
सच्चे प्यार को फरेब के तराजू में तोलकर तुमने क्या पा लिया
धड़कते दिल को यादों की गर्दिश में डालकर तुमने क्या पा लिया
जिसके दिल और दिमाग में तुम थी , दुःख और सुख में तुम थी
जिसकी हर बेचैनी तुम थी , हर बात तुम थी
जिसके दिल का करार तुम थी , हर तुम थी
उसको राह में अकेला छोड़कर तुमने क्या पा लिया
तुमने कुछ पाया ना पाया हो ,
पर मेने जरूर पा लिया , पूछोगी नहीं की क्या पा लिया
पर मेने जरूर पा लिया , पूछोगी नहीं की क्या पा लिया
तनहइयो का साथ पा लिया ,यादों का बोझ पा लिया
तो गमों और उदासी का हर एक मुकाम पा लिया
काश तुम मेरी होती तो जीवन आज यूँ ना होता
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